Rajasthan MP New Railway Line : भारतीय रेलवे ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के रेल संपर्क के लंबे समय से लंबित सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इस नए प्रोजेक्ट से 10 लाख लोगों को लाभ मिलने वाला है।
अधिक जानकारी के लिए बता दे की रेल मंत्रालय कोटा-रावतभाटा-बेंगू-सिंगोली-नीमच नई रेल लाइन (201.30 किमी) अंतिम सर्वे को मजूरी दे दी है।
इस परियोजना के साकार होने से दोनों राज्यों के कई दूरदराज और पिछड़े इलाकों को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
5 करोड़ 3 लाख 25 हजार सर्वे की मजूरी
सर्वेक्षण कार्य के लिए रेल मंत्रालय द्वारा 5 करोड़ 3 लाख 25 हजार रुपये की वित्तीय मंजूरी जारी की गई है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अंतिम सर्वेक्षण पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
इसके बाद जैसे ही मुख्यालय की मंजूरी मिलेगी, आने वाले वर्षों में इस रेलवे लाइन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
50 सालों का इन्तजार होगा खत्म
अधिक जानकारी के लिए बता दे की लगभग 50 वर्षों से इस रेलवे लाइन की मांग क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार उठाई जा रही थी।
2014 में, तत्कालीन रेल मंत्री ने परियोजना के प्रारंभिक सर्वेक्षण को मंजूरी दी थी,
जबकि 2018 में, प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा किया गया था और खाका तैयार किया गया था। अब जब अंतिम सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी गई है, तो परियोजना कार्यान्वयन के करीब है।
कुल 201 किलोमीटर लंबी बिछेगी नई रेलवे लाइन
प्रस्तावित रेलवे लाइन राजस्थान और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों से होकर गुजरेगी, जो मध्य प्रदेश में लगभग 84 किलोमीटर और राजस्थान में लगभग 56 किलोमीटर के हिस्से को कवर करेगी।
इस मार्ग पर जावड़ा रोड, रतनगढ़, सिंगोली, भैंसरोदगढ़ और जवाहर सागर जैसे प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं। रावतभाटा क्षेत्र में एक नया रेलवे स्टेशन विकसित करने की भी योजना है, जो रावतभाटा को सीधी रेल सुविधा प्रदान करेगा।
10 लाख लोगों को मिलेगा लाभ।
इस परियोजना से लगभग 10 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस रेल लाइन को औद्योगिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस मार्ग पर सीमेंट संयंत्र, कोटा ताप विद्युत संयंत्र, रावतभाटा परमाणु ऊर्जा केंद्र और नीमच की कृषि उपज मंडी जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्र स्थित हैं।
वर्तमान में, यह क्षेत्र मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर है, जबकि नई रेल लाइन के निर्माण से कोटा और नीमच के बीच की दूरी लगभग 90 किमी कम हो जाएगी।
इससे यात्रियों को सस्ती, तेज और सुरक्षित यात्रा के विकल्प मिलेंगे।



