Rajasthan New Vande Bharat Train: राजस्थान के लोगों के लिए बड़ी अच्छी खबर सामने आ रही है। बता दे कि प्रदेश में लगातार रेलवे विकास कि नई रफ़्तार पर अग्रसर है।
भारतीय रेलवे अब मेक इन इंडिया के साथ आधुनिक वैश्विक प्रौद्योगिकी की यात्रा पर है।
दिल्ली-मुंबई मार्ग के कोटा-नागदा-शामगढ़ खंड पर देश की पहली अल्सटॉम-आधारित 16-चेयर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल रन सोमवार को शुरू हुआ। यह अभियान पूरे सप्ताह जारी रहेगा।
180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
अधिक जानकारी के लिए बता दे कि इसके माध्यम से स्वदेशी विनिर्माण और फ्रांसीसी प्रौद्योगिकी के गठबंधन ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को छूने की दिशा में एक कदम उठाया है।

यह परीक्षण न केवल गति, बल्कि सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के भी नए मानक स्थापित करने वाला है।
पहले दिन 60 से 115 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार
इस ट्रेन का पहला ट्रायल रन 60-115 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से किया गया था। इसमें देखा गया कि ट्रेन कितनी आसानी से गति पकड़ लेती है।
इसके साथ ही यह भी जांचा गया कि क्या ब्रेक कार्यक्षमता सत्यापन और अन्य तकनीकी प्रणालियां एक साथ ठीक से काम कर रही हैं।
मुख्य लोको निरीक्षक वाई. के. शर्मा, लोको पायलट विपिन कुमार सिंह, को-लोको पायलट घनश्याम जोशी, मुख्य यातायात निरीक्षक सुशील कुमार जेठवानी और ट्रेन प्रबंधक रवि अग्रवाल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
एल्सटॉम और वैबटेक (ब्रेकिंग और नियंत्रण प्रणालियों का एक अंतर्राष्ट्रीय निर्माता) की विशेषज्ञ तकनीकी टीमें प्रणाली संचालन परीक्षणों के दौरान काम कर रही हैं।
सफर रहा एक ट्रायल रन
ट्रायल रेक (ट्रेन के डिब्बों का पूरा सेट) ने सभी स्थायी और अस्थायी गति प्रतिबंधों का पालन करते हुए नागदा-कोटा खंड पर परीक्षण पूरा किया। इसकी अधिकतम गति 180 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। – सौरभ जैन, सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर, कोटा



