New Gas Cylinders : पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी एक आदेश में प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो एफटीएल गैस सिलेंडर की दैनिक उपलब्धता को दोगुना करने का निर्णय लिया गया है।
इस निर्णय के बाद, राज्यों को पहले की तुलना में अधिक संख्या में छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे प्रवासी श्रमिकों को रसोई गैस की बेहतर पहुंच होगी।
राजस्थान में इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
इस फैसले का स्वागत करते हुए मीत गोदारा ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम बेहद सराहनीय है और इससे राज्य में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि 5 किलो एफटीएल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ने से राज्य में गैस वितरण प्रणाली और मजबूत होगी।
छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ने से श्रमिकों को सस्ती और सुलभ रसोई गैस आसानी से मिल सकेगी, जिससे उनके दैनिक जीवन में सुविधा बढ़ेगी।
गोदारा ने कहा कि विभाग तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्धारित मात्रा में सिलेंडर समय पर उपलब्ध हों और उनका वितरण सही पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।
इसके लिए वितरण प्रणाली को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि अनियमितता न हो।
सिलेंडर पहचान पत्र से प्राप्त किया जाएगा
उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल जरूरतमंद वर्ग को राहत देने वाली है, बल्कि राज्य में गैस आपूर्ति प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगी।
छोटे गैस सिलेंडरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्हें प्राप्त करने के लिए स्थायी गैस कनेक्शन की आवश्यकता नहीं है। प्रवासी श्रमिक, छात्र और जिनके पास स्थायी निवास का प्रमाण नहीं है, वे भी यह सिलेंडर केवल पहचान पत्र के आधार पर प्राप्त कर सकते हैं।
इस सुविधा से अस्थायी कामगारों और शहरों में किराए पर रहने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही, यह स्वच्छ ईंधन के उपयोग को भी बढ़ावा देगा और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता को कम करने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से बड़ी संख्या में लोगों को सीधा लाभ होगा और उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।
