Pre-Monsoon 2026 Update : दक्षिण भारत के सबसे निचले हिस्सों में पिछले दो दिनों से भारी प्री-मानसून गतिविधियां देखी जा रही हैं।
केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अधिकांश स्थानों पर भारी बारिश हुई है।
ये गतिविधियाँ आज और पूरे सप्ताहांत में जारी रहेंगी। लगातार बारिश और बादलों के कारण पूरे क्षेत्र में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है।
तमिलनाडु के अंदरूनी हिस्सों और केरल के आसपास के क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से नीचे है।
मदुरै, तंजावुर, पुनालुर, कोच्चि और पलक्कड़ सहित कई शहरों में मध्यम बारिश दर्ज की गई।
दूसरी ओर, दोनों तटीय क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं। Pre-Monsoon 2026
भूमध्यरेखीय गर्त से जलवायु परिवर्तन के प्रभाव
वर्तमान में, एक लंबा पूर्व-पश्चिम गर्त हिंद महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र से दक्षिण-मध्य अरब सागर और पूर्व में मलक्का जलडमरूमध्य तक चल रहा है।
मौसम विज्ञान में, इसे भूमध्यरेखीय गर्त कहा जाता है। दक्षिण श्रीलंका, कोमोरिन क्षेत्र और मालदीव पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
अगले दो दिनों के दौरान इस प्रणाली के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।
एक उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल से भी होकर गुजर रही है।
यह प्रणाली दक्षिण भारत में मौसम संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ा रही है।
तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की संभावना
इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव में, तमिलनाडु और केरल में भारी वर्षा और गरज के साथ बौछारें जारी रहेंगी।
कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश और तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की भी संभावना है।
निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। Pre-Monsoon 2026
इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव में, 11 मई 2026 को इसी क्षेत्र में एक संगठित चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है।
इसके बाद, प्रणाली के 12 से 13 मई के बीच कम दबाव वाले क्षेत्र में तीव्र होने की संभावना है।
अगले सप्ताह के दौरान तमिलनाडु और केरल में मानसून पूर्व गतिविधियों के और तेज होने की संभावना है।




