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Punjab Haryana High Court : पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने राम रहीम को किया बरी, 23 साल पुराने केस पर आया फेंसला

Punjab Haryana High Court : पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने राम रहीम को किया बरी, 23 साल पुराने केस पर आया फेंसला

Punjab Haryana High Court: हरियाणा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे की हरियाणा के सिरसा जिले में चर्चित रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को आरोपों से बरी कर दिया है, जबकि इस मामले में सजा पाए 3 अन्य दोषियों की सजा को बरकरार रखा है.

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने सुनाया फेंसला

अधिक जानकारी के लिए बता दे की यह फैसला पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट (Punjab Haryana High Court) के चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस विक्रम अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनाया. इस मामले में पहले स्पेशल सीबीआई कोर्ट ( CBI Court)ने डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

CBI कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद

अधिक जनकारी के लिए बता दे की रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में 11 जनवरी 2019 को स्पेशल सीबीआई कोर्ट ( CBI Court) ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया था. इसके बाद 17 जनवरी 2019 को कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

2002 का है मामला

अधिक जानकारी के लिए आपको बता दे की पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या साल 2002 में हुई थी. वह “पूरा सच” नाम के अखबार के संपादक थे. इस मामले ने उस समय काफी सुर्खियां बटोरी थीं और लंबे समय तक इसकी कानूनी लड़ाई चलती रही.करीब दो दशक से ज्यादा समय से चल रहे इस मामले में 2019 में सीबीआई कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया था, लेकिन अब हाई कोर्ट ने डेरा प्रमुख को राहत दे दी है.

रामचंद्र छत्रपति के बेटे ने जताई नाराजगी

अधिक जानकारी के लिए बता दे की हाई कोर्ट (Punjab Haryana High Court) के फैसले के बाद रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने निराशा जाहिर की है. अंशुल छत्रपति ने कहा, “हाई कोर्ट का फैसला निराशाजनक. सिर्फ डेरा प्रमुख को बरी किया व बाकी लोगों पर सजा बरकार रखी गई है, यह हमारी अदालती लड़ाई 2002 में शुरू हुई थी, आज वही वापिस आ गई है. CBI कोर्ट ने दूध का दूध और पानी किया था.”

उन्होंने आगे कहा, “हम इस फैसले को माननीय सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करेंगे. उमीद करते है कि सीबीआई कोर्ट को भी इस फैसले को चैलेंज करना चाहिए. ऐसे सेटबैक पहले भी लगते आये है लेकिन हम जिस हिम्मत से लड़ते आए है वैसे ही आगे लड़ेंगे.”