Rajasthan News : राजस्थान समेत देश के कई इलाकों में अब गैस की कमी सताने लग गई है। बता दे की देश का ‘एजुकेशन सिटी’ कहे जाने वाले कोटा में आज एक अलग संकट है। गैस सिलेंडर की कमी ने कोचिंग छात्रों की पूरी खाद्य प्रणाली को हिला दिया है। शहर के भोजनालयों और छात्रावासों में गैस की आपूर्ति बाधित होने से न केवल नाश्ता बंद हो गया है, बल्कि अब संचालकों को लकड़ी और कोयले का सहारा लेना पड़ रहा है।
गैस की कमी इतनी गंभीर है कि मेस ऑपरेटरों को अपना मेनू बदलना पड़ रहा है। सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण घरों के घरेलू गैस सिलेंडर मेस में लगाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। कई जगहों पर समय और गैस की कमी के कारण नाश्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। माता-पिता, जो अपने बच्चों के साथ यहां अपार्टमेंट में रह रहे हैं, उनका रसोई का बजट और व्यवस्था भी पूरी तरह से बिगड़ गई है।
कोयलों की मांग के साथ बढ़ सकते है रेट
शहर में लकड़ी और कोयले की भट्टियां बनाने वाले कारीगरों को ऑर्डरों की बाढ़ आ गई है। भट्टियों के एक दुकानदार जब्बार का कहना है कि पिछले दो दिनों में ही उन्होंने 45 भट्टियां बेची हैं और 40 से अधिक नए ऑर्डर लंबित हैं। ये भट्टियां 35 किलोग्राम से 40 किलोग्राम वजन के दायरे में 130 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा रही हैं।
भोजनालयों और छात्रावासों का सुचारू संचालन इस शहर की जीवन रेखा है। लेकिन अब लकड़ी और कोयले के उपयोग ने धुएं और बढ़ते प्रदूषण की चिंता को भी बढ़ा दिया है। संचालकों को डर है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति फिर से शुरू नहीं की गई तो आने वाले दिनों में लकड़ी और कोयले की कीमतें भी आसमान छू जाएंगी, जिससे छात्रों का भोजन और भी महंगा हो जाएगा।
