Haryana Sirsa News : हरियाणा के सिरसा जिले से इस वक्त कि बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे कि यहां RTI एक्ट के तहत मांगी गई जानकारी से बचने के लिए सरपंच के परिवार ने RTI लगाने वाले को हनीट्रैप में फंसा लिया। इसके लिए गांव की ही एक 32 साल की महिला को पंचायत कोटे से प्लॉट दिलाने का झांसा देकर साथ मिलाया।
वीडियो कॉल और चैटिंग की जरिए बातें
मिडिया रिपोर्ट के अनुसार महिला ने वीडियो कॉल और चैटिंग की जरिए बातें कीं। हालांकि RTI लगाने वाले को शक हो गया और उसने उल्टा उसकी कॉल रिकॉर्ड करके पुलिस को शिकायत दे दी। जांच में सामने आया कि गांव की महिला सरपंच के प्रतिनिधि व भतीजे ने सारा खेल रचा था।
पुलिस ने महिला और भतीजे को किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस साजिश में शामिल गांव की महिला आशा और सरपंच के भतीजे सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। नाथुसरी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि सरपंच विनोद रानी, प्रतिनिधि ओम प्रकाश का भी FIR में नाम है।
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यहाँ समझिये पूरा मामला
सरपंच के खिलाफ कई RTI लगाई: जमाल गांव के मोहन बेनीवाल ने RTI लगाकर गांव की सरपंच विनोद रानी की शैक्षणिक योग्यता और गांव में हुए विकास कार्यों के संबंध में जानकारी मांगी। मोहन ने सिरसा डीसी और सीएम कार्यालय तक में RTI के तहत आवेदन किया। लगातार कई RTI लगाने से सरपंच परेशानी हो गई।
मोहन ने बताया- एक दिन मेरे मोबाइल पर कॉल आई। दूसरी तरफ से एक महिला बोल रही थी। महिला ने प्लॉट बेचने को लेकर बात की। मोहन ने पूछा कि उसका नंबर कहां से मिला, तो वह टाल मटोल करने लगी। उसे शक हुआ और महिला का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर लिया।
मोहन ने बताया कि कुछ दिन उसी महिला का दूसरे नंबर से कॉल आया। महिला बार-बार कॉल करने लगी और अश्लील बातें करने लगी। उसने सुबूत के तौर पर रिकॉर्डिंग कर ली। एक दिन महिला ने मकान दिखाने के बहाने वीडियो कॉल की तो उसने कॉल काट दी। फिर मोहन ने पुलिस में शिकायत दी।
पुलिस कि जाँच
पुलिस ने जांच शुरू की। महिला ने जिन नंबरों से कॉल की थी, उनकी कॉल रिकॉर्ड-हिस्ट्री चेक की गई। सामने आया कि महिला बार-बार कॉल कर रही थी। जांच के दौरान ही सरपंच प्रतिनिधि के भतीजे की एक रिकॉर्डिंग मिली। जिसमें वह महिला से मोहन को बारे में बात कर रहा था और फंसाने के लिए उकसा रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी आशा ने गांव की ही दूसरी महिला सुनीता का नाम लिया है। आशा ने कहा कि उसी के कहने पर उसने यह किया। आशा मूलरूप से बिहार की रहने वाली है। उसकी गांव के एक उम्रदराज व्यक्ति से शादी हुई। उनके दो बच्चे हैं। पति ने उसे घर से निकाल दिया। पंचायत चुनाव के समय से ही आशा सरपंच प्रतिनिधि के संपर्क में थी।
प्लाट का लालच
पुलिस के मुताबिक, सरपंच प्रतिनिधि और उसके भतीजे ने मोहन बेनीवाल को हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश की। इसके लिए महिला को पंचायत की ओर से प्लॉट दिलाने का लालच देकर साथ मिलाया। महिला ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि उसने मोहन को फोन कॉल किए और चैटिंग की। असल में पुलिस थाने में शिकायत देने के बाद सरपंच प्रतिनिधि व उसका भतीजा उस पर दबाव बनाना चाहते थे, ताकि वह RTI न लगाए।



