Rajasthan Weather Update : राजस्थान में किसानों के लिए इस बार मौसम काल बन गया है। वहीँ आमजन को गर्मी से राहत मिली हुई है।
बता दे की लगातार बारिश और ओलावर्ष्टि से राजस्थान में लोगों को ठंढ का सामना करना पड़ रहा है। बता दे प्रदेश के लोगों को अभी राहत नहीं मिलने वाली।
राजस्थान में एक नई मौसम प्रणाली सक्रिय होगी। राज्य के 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शनिवार को मौसम में बड़ा बदलाव आया। जिले के कई इलाकों में रात भर तेज हवाओं और गरज के साथ भारी बारिश हुई।
उदयपुर में 32 मिमी से अधिक बारिश हुई। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इन इलाकों में तापमान में भी गिरावट आई है।
पिछले 24 घंटों में मौसम
पिछले 24 घंटों में जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली, बारां, बूंदी, कोटा, टोंक, झालावाड़, गंगानगर और हनुमानगढ़ में बारिश हुई।
शनिवार को बारां, बूंदी, दौसा, टोंक और गंगानगर में कई स्थानों पर बारिश हुई। शनिवार को सबसे अधिक बारिश उदयपुर के कोटडा क्षेत्र में 32 मिमी (1 इंच से अधिक) दर्ज की गई
सामान्य से 5 डिग्री कम
मौसम में इस बदलाव के बाद शाम को इन इलाकों में तापमान बढ़ गया। चित्तौड़गढ़ में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जोधपुर में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस कम, जैसलमेर में 5.6 डिग्री, फलोदी में 5.1 डिग्री, बीकानेर में 5 डिग्री, चुरू में 4.7 डिग्री, गंगानगर, जयपुर में 4.6 डिग्री, उदयपुर में 4.5 डिग्री और अजमेर में 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
6 अप्रेल से फिर सक्रिय होगा मौसम
राजस्थान में आज लगातार दो दिन ओलावृष्टि और बारिश से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 अप्रैल को राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होगा।

वहीं, 6 अप्रैल से एक नई मजबूत प्रणाली सक्रिय होगी। इसके कारण भारी बारिश हो सकती है। केंद्र ने 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 9 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। नई प्रणाली 8 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी।
मार्च में इतनी बारिश क्यों हो रही है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर मार्च-अप्रैल में ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं होती है। इसका असर उत्तर भारत में देखने को मिला।
इस बार वे उत्तर-पश्चिमी मैदानों में हैं। यह बारिश बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी के प्रभाव के कारण हुई थी।
बारिश क्यों हो रही है?
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने कहा कि आमतौर पर विक्षोभ प्रणाली के सक्रिय होने के बाद दोपहर में गरज के साथ बारिश होती है।
दिन के दौरान बढ़ता तापमान इस प्रणाली को ऊर्जा देता है, इसलिए दोपहर के बाद ही ओलावृष्टि और बारिश का दौर शुरू होता है।
