बता दे IAS टीना डाबी अक्सर अपने काम को लेकर चर्चा में रहती है। प्रदेश में एक प्रशासनिक फेरबदल में, राजस्थान सरकार ने यूपीएससी-2015 की टॉपर आईएएस अधिकारी टीना डाबी को टोंक का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया है।
इससे पहले उनके हाथ में राजस्थान के जैलमेर और बाड़मेर जिले की कमान थी। वाहन भी वो अपने काम की वजह से अक्सर चर्चा में रहती थी। आईएएस अधिकारी टीना डाबी को बाड़मेर जिले में स्थानांतरित कर दिया गया है।
वर्तमान जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल को निदेशक और पदेन विशेष सचिव, जलग्रहण विकास और मृदा संरक्षण विभाग, जयपुर के रूप में तैनात किया गया है।
लगातार तीसरी बार टोंक जिले को मिली महिला कलेक्टर
यह पहली बार है जब राज्य सरकार ने लगातार तीसरी बार टोंक जिले की कमान महिलाओं को सौंपी है। हालांकि, अतीत में कई महिलाएं जिला कलेक्टर रही हैं। लेकिन इसदफा लाटर तीन महिलाओं को कलेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है।
पहले डॉ. सौम्या झा, फिर कल्पना अग्रवाल और अब टीना डाबी कलेक्टर होंगी। टीना डाबी का ध्यान जिले के विकास पर रहेगा। उन्होंने बाड़मेर में कई नवाचार किए हैं। ऐसे में जिले के लोगों को उम्मीद है कि वे टोंक जिले में विकास के लिए नवाचार करेंगे।
जिले में पहले चिन्मय गोपाल और बाद में कल्पना अग्रवाल ने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किए हैं। लेकिन इसके अलावा टोंक जैसे जिले में छोटे लेकिन अच्छी तरह से निर्देशित नवाचार पानी, शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
यदि जिला कलेक्टर जनभागीदारी, प्रौद्योगिकी और स्थानीय जरूरतों को जोड़ता है, तो जिले का मॉडल राज्य में एक उदाहरण बन सकता है।
पहले कलेक्टर जोरावर सिंह थे।
देश की आजादी के बाद जिले में ज़ोरावर सिंह झाल को पहला कलेक्टर नियुक्त किया था। जो 15 दिसंबर 1948 से 14 सितंबर 1949 तक चला। दूसरे कलेक्टर हिम्मत सिंह गलुंडिया थे।
टोंक को मिले 67 कलेक्टर
देश की आजादी के बाद से जिले में 67 जिला कलेक्टर रह चुके हैं। टीना डाबी 68वीं जिला कलेक्टर होंगी। इनमें 14 महिलाएं हैं। बाकी पुरुष हैं। 2009 के बाद से महिलाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इनमें डॉ. राजेश धीर, हरदीप सिंह, संतोख सिंह, डॉ. आर. एस. बेदी, जी. डी. मेहता, डॉ. मीनू गांधी और कई अन्य शामिल हैं।
