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New Rail Line: राजस्थान के इस जिले में 79 साल बाद पहली बार दौड़ेगी ट्रेन, इन 3 राज्यों के साथ बढ़ेगी कनेक्टिवटी

New Rail Line: राजस्थान के इस जिले में 79 साल बाद पहली बार दौड़ेगी ट्रेन, इन 3 राज्यों के साथ बढ़ेगी कनेक्टिवटी

Rajasthan New Rail Line: राजस्थान के लोगों के लिए बड़ी अच्छी खबर सामने आ रही है। बता दे की अगर सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले वर्षों में शहर में आजादी के बाद यानी लगभग 79 साल बाद पहली बार ट्रैन दोड़नें वाली है। बता दे की यह प्रोजेक्ट मालवा के रास्ते वागड़ के बांसवाड़ा जिले की किस्मत बदलने वाला है।

नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार नई रेलवे लाइन

बांसवाड़ा सहित दक्षिणी राजस्थान के लाखों लोगों की उम्मीदों को रेल मंत्रालय ने एक बार फिर पंख लगा दिए हैं।

सरकार ने नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार के अंतिम स्थान सर्वेक्षण के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं।

रेल मंत्रालय ने लगभग 380 किलोमीटर की इस परियोजना को मंजूरी दे दी है।

सर्वे को मंजूरी

सरकार ने नीमच-बांसवाड़ा 380 किलोमीटर रेल पटरी के अंतिम सर्वेक्षण के लिए 9.5 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

4 राज्यों से कनेक्टिविटी

भविष्य में अगर रेलवे ट्रैक बनता है तो 4 राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। यह दिल्ली-मुंबई के लिए एक वैकल्पिक मार्ग भी प्रदान करेगा।

जिले की चमक उठेगी किस्मत

अगर यह ट्रैक बनता है तो 4 राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को जोड़ा जाएगा। यह क्षेत्र व्यापार और संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है।

ऐसे में जनजातीय संपर्क के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

मैंगनीज, डोलोमाइट, चूना पत्थर, संगमरमर, साबुन पत्थर, क्वार्ट्ज आदि जैसे खनिजों का परिवहन। दक्षिणी राजस्थान से उत्पत्ति में वृद्धि होगी।

दक्षिण राजस्थान जैव विविधता के साथ-साथ एक ऐतिहासिक धार्मिक शहर भी है। यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन बढ़ेगा क्योंकि यह क्षेत्र रेल से जुड़ा होगा।

रेल मंत्रालय ने बांसवाड़ा जिले को रेल सुविधा से जोड़ने के लिए बांसवाड़ा के रास्ते नीमच-नंदुरबार के लिए एक नई रेलवे लाइन की घोषणा की थी।

अधिक जानकारी के लिए बता दे की घोषणा में लगभग आठ महीने की देरी हुई। लेकिन अब सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है।

पश्चिम रेलवे लगभग 380 किलोमीटर लंबे ट्रैक के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण (एफएलएस) के लिए बोली लगा रहा है।

सरकार ने इस योजना के लिए 9 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

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