झुंझुनू, झुंझुनू जिले के पुलिस थाना गोठड़ा द्वारा कल अवैध मादक पदार्थ गांजे के हरे पौधों के जप्त करने की बड़ी कार्रवाई सामने आई थी लेकिन आज इस पूरी कार्रवाई पर ही भाजपा नेता शुभकरण चौधरी और बड़ी संख्या में टोंक छिलरी के ग्रामीणों ने सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
ग्रामीणों का कहना था कि कई सालों से यह पौधे घास की तरह पूरे गांव के अलग-अलग इलाकों में खड़े हुए हैं किसी भी तरह से उनकी खेती नहीं की जाती है। यहां तक की रास्ते और श्मशान भूमि पर भी यह पौधे खड़े हैं और यह कोई गांजे के पौधे नहीं है बल्कि उसके जैसे दिखने वाला कोई घास है और पुलिस ने कुछ ग्रामीणों पर इस मामले को लेकर एनडीपीएस एक्ट के तहत गलत मामला दर्ज कर लिया है।
इसी मामले के विरोध को लेकर बड़ी संख्या में लोग आज झुंझुनू एसपी और झुंझुनू जिला कलेक्टर के पास पहुंचे। बता दें कि पुलिस प्रेस नोट में सामने आया था कि गोठड़ा थाना द्वारा की गई कार्रवाई में 7450 हरे गांजे के पौधे जप्त किए गए थे। बड़ी संख्या में ग्रामीण, भाजपा नेता शुभकरण चौधरी के साथ रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पर पहुंचे और कलेक्ट्रेट के गेट पर जब पुलिस ने आगे बैरिकेट्स भीड़ को रोकने के लिए लगा दिए तो भाजपा नेता शुभकरण चौधरी ने उन बैरिकेट्स को हटावा दिया और अपने साथ ग्रामीणों को एसपी ऑफिस तक लेकर चले गए उन्होंने पुलिस वालों से कहा कि आप तो एसपी साहब को सूचना दो कि इतने लोग आए हैं।
अक्सर देखा गया है कि जब भी कोई धरना प्रदर्शन या बड़ी संख्या में लोग ज्ञापन देने के लिए पहुंचते हैं तो बेरिकेट्स लगाकर उनका गेट पर ही रोक दिया जाता है और पांच व्यक्तियों को ही अंदर जाने की अनुमति दी जाती है लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ जिसके चलते कलेक्ट्रेट के बाहर खड़े हुए लोगों और मीडिया कर्मियों में यह चर्चा देखी गई कि कलेक्ट्रेट के गेट से जो बैरिकेट्स हटे हैं उनके कारण सत्ता का पावर है या झुंझुनू पुलिस की हुई गलती, खैर फिलहाल यह पूरा मामला जांच का विषय है। एसपी द्वारा पूरे मामले की जांच करवाए जाने पर ही दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा। ब्यूरो रिपोर्ट झुंझुनू




