झुंझुनूं के सर्किट हाउस में आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक अहम प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
महिला आरक्षण बिल से जुड़े घटनाक्रम और विपक्ष के हमले के बीच प्रेस वार्ता बुलाई गई। इसी प्रेस वार्ता में नारी शक्ति की गरिमा से जुड़े विषय को लेकर सवाल किया गया
“वंदन से पहले अभिनंदन” का मुद्दा
प्रेस वार्ता में सवाल उठाया गया कि जब नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम चल रहा है, तो क्या उससे पहले नारी का अभिनंदन यानी सम्मान सुनिश्चित नहीं होना चाहिए?
यह सवाल सीधे तौर पर सेनेटरी नैपकिन योजना से जुड़ा हुआ था।
मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर
विभागीय आंकड़ों के अनुसार:
- जनवरी से मार्च तक 26,28,240 नैपकिन की मांग
- लेकिन अप्रैल मध्य तक केवल 9600 पैकेट की आपूर्ति
यह भारी अंतर योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
महिला गरिमा से जुड़ा मुद्दा
यह योजना महिला स्वास्थ्य और गरिमा से जुड़ी एक बुनियादी सुविधा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी इस विषय पर खुलकर बात करना संकोच और शर्म का कारण माना जाता है, ऐसे में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और भी जरूरी हो जाता है।
नेताओं की मौजूदगी
प्रेस वार्ता में कई प्रमुख भाजपा नेता मौजूद रहे, जिनमें:
- जिला अध्यक्ष हर्षिनी कुल्हरी
- पूर्व सांसद संतोष अहलावत
- सरोज श्योराण
- लोकेश शेखावत
- किरण
- जिला प्रवक्ता ललित जोशी
नारी का वंदन श्रद्धा से जुड़ा है, लेकिन अभिनंदन उसके वास्तविक सम्मान और सुविधा से जुड़ा होता है।
इस संदर्भ में सेनेटरी नैपकिन योजना को मजबूत करना जरूरी बताया गया।
बड़ा संदेश
यह मुद्दा सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि महिला सम्मान और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है।
इस सवालिया निशान पर पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने क्या जवाब दिया सुनिए उन्हीं की जुबानी Video में-



