झुंझुनूं जिले के चिड़ावा शहर में रविवार को आयोजित राजस्थान प्रयोगशाला सहायक (विज्ञान) भर्ती परीक्षा के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया।
जहां आमतौर पर देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलता, वहीं इस बार परीक्षा ड्यूटी पर तैनात शिक्षिका को ही “नो एंट्री” का सामना करना पड़ा।
गिन्नी देवी कॉलेज परीक्षा केंद्र का मामला
यह मामला गिन्नी देवी सत्यनारायण सेखसरिया कॉलेज परीक्षा केंद्र का बताया जा रहा है।
परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू होनी थी, जबकि अभ्यर्थियों की एंट्री सुबह 9 बजे तक निर्धारित थी।
वहीं परीक्षा ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों को सुबह 7 बजे तक केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य किया गया था।
9 बजकर 3 मिनट पर पहुंचीं शिक्षिका
जानकारी के अनुसार संबंधित महिला शिक्षिका सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर परीक्षा केंद्र पहुंचीं।
लेकिन तब तक गेट बंद हो चुका था। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
काफी देर तक करती रहीं आग्रह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शिक्षिका ने काफी देर तक प्रवेश देने का आग्रह किया।
हालांकि केंद्राधीक्षक ने भी नियमों का हवाला देते हुए प्रवेश की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
इसके बाद शिक्षिका को बिना ड्यूटी किए ही वापस लौटना पड़ा।
वीडियो आया सामने
परीक्षा केंद्र के बाहर हुए पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिले में बनाए गए थे 51 परीक्षा केंद्र
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित इस परीक्षा के लिए झुंझुनूं जिले में कुल 51 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
दो पारियों में आयोजित परीक्षा में 17 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत थे।
सुरक्षा और समय पालन पर रही सख्ती
परीक्षा के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा और समय पालन को लेकर विशेष सख्ती बरती गई।
अधिकारियों के अनुसार परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर कड़े निर्देश लागू किए गए थे।
चिड़ावा से मनीष शर्मा की रिपोर्ट





