देर शाम रिहा, विभिन्न मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी
झुंझुनूं-राजगढ़ स्टेट हाइवे स्थित धनूरी टोल प्लाजा पर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है।
रविवार शाम पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान 13 लोगों को जबरन उठाकर थाने ले जाया गया, हालांकि देर शाम सभी को रिहा कर दिया गया।
देर रात फिर बंद करवाया टोल बूथ
घटना के विरोध में ग्रामीण देर रात दोबारा टोल बूथ पर पहुंचे और टोल बंद करवा दिया।
इसके बाद ग्रामीण फिर से धरने पर बैठ गए और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
क्या हैं ग्रामीणों की प्रमुख मांगें?
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि:
- टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों को टोल मुक्त किया जाए।
- दो टोल प्लाजा के बीच न्यूनतम 60 किलोमीटर दूरी का नियम लागू किया जाए।
ग्रामीणों का दावा है कि लांबोर बड़ी और धनूरी टोल के बीच दूरी मात्र 43 किलोमीटर है, जो नियमों के विरुद्ध है।
ग्रामीणों ने धनूरी टोल को नियम विरुद्ध बताते हुए इसे हटाने की मांग दोहराई है।
16,700 पौधे लगाने का वादा अधूरा
टोल रोड निर्माण के दौरान 16,700 पौधे लगाने का वादा किया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है।
संघर्ष समिति का आरोप
संघर्ष समिति ने प्रशासन पर बिना पूर्व सूचना धरना स्थल पर धावा बोलने का आरोप लगाया है।
समिति का कहना है,
“हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सुनवाई की बजाय इस तरह की कार्रवाई आमजन की आवाज दबाने का प्रयास है।”
हिरासत में लिए गए प्रमुख लोग
पुलिस द्वारा जिन लोगों को हिरासत में लिया गया, उनमें शामिल हैं:
- किसान नेता अरविन्द गढ़वाल
- महिपाल पूनिया
- अजीत सिंह
- शाहिद खान
- देवकीनंदन बसेरा
- तौफीक चैनपुरा
- सुरेन्द्र सिलाईच
- जगमाल
- शीशराम सरावग
- पंकज गुर्जर
- अनीश धायल
- मंजूर खान
- रमेश राहड़
- राजू फौजी
- अमित शेखावत
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
