आरोप – सीकर, चूरू, झुंझुनू के कई दर्जन युवाओ को लगाया चूना
चूरू जिले के रतनगढ़ सहित शेखावाटी क्षेत्र के कई परिवार विदेश में रोजगार के सपने के साथ बड़ी आर्थिक ठगी के शिकार होने का आरोप लगा रहे हैं। पीड़ितों के अनुसार विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये लिए गए, लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया।
मामले में करीब पांच दर्जन से अधिक लोगों के प्रभावित होने और लगभग 2 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी होने की बात सामने आई है।
नौकरी का वादा, मिला टूरिस्ट वीजा
पीड़ितों का आरोप है कि एजेंटों ने विदेश में अच्छी नौकरी और बेहतर वेतन का भरोसा दिलाया था।
हालांकि विदेश पहुंचने के बाद उन्हें न तो वादा किया गया काम मिला और न ही तय वेतन। कई लोगों का कहना है कि उन्हें टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेजा गया, जबकि उन्हें रोजगार दिलाने का दावा किया गया था।
विदेश में फंसे, फिर अपने खर्चे पर लौटे
पीड़ितों के अनुसार विदेश में परेशानी बढ़ने पर उन्हें अपने परिजनों से पैसे मंगवाकर वापसी का टिकट करवाना पड़ा।
स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने एजेंटों से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन अभी तक अधिकांश लोगों को राशि नहीं मिली है।
कुछ को चेक, कई को आश्वासन
पीड़ितों का कहना है कि कुछ लोगों को भुगतान के लिए चेक दिए गए, जबकि अन्य को जल्द राशि लौटाने का आश्वासन दिया गया।
हालांकि अब एजेंट कथित रूप से न तो अपने कार्यालय में मिल रहे हैं और न ही घर पर संपर्क में आ रहे हैं।
पुलिस और जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार
मामले से परेशान लोगों ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
इसके साथ ही पीड़ितों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पूर्व विधायक से भी हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।
पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने नौकरी और वर्क वीजा के नाम पर बड़ी रकम जमा करवाई थी, लेकिन उन्हें अपेक्षित रोजगार नहीं मिला।
जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
मामले में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस और संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण के तथ्य और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
विदेश नौकरी के नाम पर ठगी से कैसे बचें?
- केवल अधिकृत और पंजीकृत एजेंसियों से ही संपर्क करें।
- वर्क वीजा और टूरिस्ट वीजा के अंतर को समझें।
- भुगतान से पहले सभी दस्तावेजों की जांच करें।
- लिखित अनुबंध और रसीद अवश्य लें।
- किसी भी संदिग्ध ऑफर की जानकारी संबंधित विभाग को दें।






