झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी थाना पथराव मामले में करीब 7 साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया।
अदालत ने 39 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
फैसले के बाद भावुक हुए परिजन
फैसला सुनते ही आरोपियों और उनके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू नजर आए।
लंबे समय से चल रही इस कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें राहत मिली।
2018 का है मामला
यह घटना 14 अगस्त 2018 की है, जब नाबालिग बालिका के अपहरण प्रकरण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था।
ग्रामीणों ने थाने के सामने धरना देकर सड़क जाम कर दी थी।
पुलिस और भीड़ के बीच हुआ टकराव
जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
इस दौरान भीड़ ने थाने पर पथराव कर दिया, जिससे हालात बिगड़ गए।
पुलिसकर्मी हुए थे घायल
पथराव में तत्कालीन थानाप्रभारी अशोक चौधरी सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
साथ ही पुलिस वाहन के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।
42 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
घटना के बाद पुलिस ने करीब 42 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
आरोपी पक्ष की ओर से एडवोकेट शीशराम सैनी ने पैरवी की।
अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में किया बरी
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, जिसके चलते आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।



