Video News: झुंझुनूं में पुलिस की CM जनआवास फ्लैटों में छानबीन
झुंझुनूं में पुलिस का सघन सर्च अभियान
झुंझुनूं। जिले में अनैतिक गतिविधियों पर रोक और संदिग्ध तत्वों की तलाश के उद्देश्य से झुंझुनूं पुलिस ने सघन सर्च अभियान चलाया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के निर्देश पर उन इलाकों में की गई, जो लंबे समय से सुनसान पड़े हुए हैं और जहां अवैध गतिविधियों की आशंका बनी रहती है।
CM जनआवास योजना के फ्लैटों में छानबीन
अभियान के तहत पुलिस टीमें मंड्रेला रोड स्थित मुख्यमंत्री जनआवास योजना के फ्लैट परिसर तक पहुंचीं।
यहां करीब 1600 फ्लैट निर्मित हैं, लेकिन आवंटन होने के बावजूद अब तक पट्टाधारकों को चाबियां नहीं सौंपी गई हैं, जिससे पूरा परिसर लंबे समय से खाली पड़ा है।
कोतवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में ऑपरेशन
कोतवाली थाना प्रभारी श्रवण कुमार नील के नेतृत्व में:
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तीन पुलिस वाहनों के साथ सर्च ऑपरेशन
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हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात
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महिला पुलिसकर्मियों की अलग टीम
तैनात की गई, ताकि हर स्तर पर सघन जांच हो सके।
शराब की बोतलें मिलने से बढ़ी चिंता
सर्च अभियान के दौरान फ्लैट परिसर में खाली पड़ी शराब की बोतलें मिलीं।
इससे स्पष्ट हुआ कि यहां असामाजिक तत्वों की आवाजाही हो सकती है।
पुलिस ने पूरे इलाके की बारीकी से तलाशी ली और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े सुराग जुटाए।
एमडी ड्रग्स फैक्ट्री खुलासे के बाद अलर्ट
सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले धनूरी थाना क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई थी।
इस मामले में:
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महाराष्ट्र पुलिस ने कार्रवाई की
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आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया
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स्थानीय पुलिस को समय पर सूचना नहीं दी गई
इसी घटना के बाद झुंझुनूं जिले में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
CM जनआवास फ्लैट परियोजना की पृष्ठभूमि
मिली जानकारी के अनुसार, मंड्रेला रोड पर यह परियोजना:
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भाजपा सरकार के कार्यकाल में
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मुख्यमंत्री जन सहभागिता योजना के तहत
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अफोर्डेबल हाउसिंग की अवधारणा पर
शुरू की गई थी।
इस योजना के अंतर्गत:
कम कीमत में
तीन श्रेणियों में
आम लोगों के लिए फ्लैट निर्माण
का कार्य सौंपा गया था।
यह परियोजना राजस्थान आवास विकास संस्थान, झुंझुनूं नगर परिषद और असाही इंफ्रास्ट्रक्टर के बीच हुए समझौते के तहत शुरू हुई थी।
पुलिस का स्पष्ट संदेश
अधिकारियों के अनुसार—
“जिले में ऐसे सभी सुनसान और संवेदनशील सरकारी परिसरों की पहचान कर सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा।”
Shekhawati Live की नजर
सुनसान पड़े सरकारी परिसरों का दुरुपयोग
कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
समय रहते पुलिस की यह कार्रवाई
अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
शेखावाटी लाइव ब्यूरो रिपोर्ट | झुंझुनूं
