फीस जमा, फॉर्म भरे फिर भी नहीं मिला प्रवेश पत्र, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
झुंझुनूं। जिले के गुढ़ागौड़जी स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक की कथित लापरवाही से 20 स्वयंपाठी छात्र 12वीं बोर्ड परीक्षा से वंचित रह गए। शुक्रवार को पहला पेपर होने से पहले जब छात्र प्रवेश पत्र लेने स्कूल पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि उनके नाम बोर्ड सूची में शामिल ही नहीं हैं।
यह सुनते ही छात्र और अभिभावक स्तब्ध रह गए।
अगस्त में भरे थे फॉर्म, 800 रुपये किए थे जमा
जानकारी के अनुसार सभी विद्यार्थियों ने अगस्त माह में परीक्षा फॉर्म भरते हुए करीब 800 रुपये परीक्षा शुल्क जमा किए थे।
छात्रों का आरोप है कि संबंधित शिक्षक ने उनके फॉर्म समय पर बोर्ड कार्यालय नहीं भेजे।
तीन दिन तक स्कूल के चक्कर लगाने के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला।
थाने में शिकायत, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
निराश छात्रों ने गुढ़ा थाने में शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
इसके बाद अभ्यर्थियों ने Students Federation of India (SFI) के पदाधिकारियों के साथ आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
अभिभावकों ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
छात्रों का भविष्य अधर में
12वीं बोर्ड परीक्षा से वंचित होने के कारण इन छात्रों का एक वर्ष खराब होने की आशंका है।
अभिभावकों का कहना है कि
बच्चों ने मेहनत की, फीस जमा की, फिर भी लापरवाही का खामियाजा उन्हें क्यों भुगतना पड़े?
प्रशासन से क्या है उम्मीद?
छात्रों ने मांग की है कि:
- जिम्मेदार शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई हो
- विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए
- भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो
अब सभी की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।
