झुंझुनूं जिले में मंगलवार शाम अचानक बदले मौसम ने नवलगढ़ और गुढ़ागौड़जी क्षेत्र में किसानों पर भारी कहर बरपाया।
तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने कुछ ही मिनटों में खेतों का मंजर बदल दिया।
बेर से बड़े ओले, खेतों में सफेद चादर
ग्रामीण इलाकों में कई जगह बेर के आकार से भी बड़े ओले गिरने की जानकारी सामने आई है।
देखते ही देखते खेतों में ओलों की मोटी परत बिछ गई, और खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं।
इन गांवों में सबसे ज्यादा नुकसान
शाम 7 बजे के बाद नवलगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में जमकर ओलावृष्टि हुई, जिनमें शामिल हैं:
- देवीपुरा बणी
- टोंकछिलरी
- खिरोड़
- मोहनबाड़ी
- बावड़ा
- सेवानीगर
- अंबेडकर नगर
वहीं देर रात 11 बजे के आसपास गुढ़ागौड़जी, पोसाणा, खीवांसर, बजावा और छऊ गांव में भी ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ।
गेहूं, चना और प्याज की फसल बर्बाद
तेज हवा और ओलों के कारण गेहूं, चना और प्याज की फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं।
कई खेतों में फसलें टूटकर बिखर गईं, जबकि कुछ जगहों पर पानी भरने से स्थिति और खराब हो गई।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:
“ओलावृष्टि से गेहूं और जौ की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा, जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी।”
किसानों की मांग: जल्द हो गिरदावरी और मुआवजा
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तुरंत गिरदावरी (नुकसान का सर्वे) कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सर्वे नहीं हुआ तो नुकसान का सही आंकलन नहीं हो पाएगा।
बीमा क्लेम के लिए जरूरी जानकारी
ओलावृष्टि या प्राकृतिक आपदा के बाद किसान ये कदम उठाएं:
- 72 घंटे के भीतर सूचना दें
- क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर फोटो अपलोड करें
- टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करें
- व्हाट्सएप चैटबोट 7065514447 पर शिकायत दर्ज करें
