प्रभारी मंत्री के बयान के बाद झुंझुनूं की राजनीति में हलचल तेज
राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और झुंझुनूं के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत के एक बयान से जिले की राजनीति में हलचल मच गई है।
माफी के दावे से बढ़ा विवाद
मीडिया से बातचीत में मंत्री ने मंडावा विधायक रीटा चौधरी द्वारा विधानसभा में लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा,
सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना आसान है, लेकिन सच्चाई अलग होती है।
मंत्री ने दावा किया कि
आरोप लगाने के दो दिन बाद ही रीटा चौधरी ने उनसे मुलाकात कर माफी मांगी थी।
उन्होंने यह भी कहा कि विधायक ने स्वीकार किया कि वे किसी के बहकावे में आकर ऐसा बोलीं और उन्हें भाई समान बताया।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
मंत्री के इस बयान के बाद अब जिले में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
- क्या वास्तव में रीटा चौधरी ने माफी मांगी थी?
- अगर हां, तो उन्होंने किसके बहकावे में आकर आरोप लगाए?
- और अगर नहीं, तो क्या मंत्री का दावा सही है?
इन सवालों को लेकर जनता और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
आरोप और जवाब का मामला
बता दें कि बजट सत्र के दौरान विधायक रीटा चौधरी ने मंत्री पर मंडावा में
- हवेलियों की खरीद-बिक्री में कमीशन लेने
- फोन नहीं उठाने
- भूमाफियाओं से मिलीभगत
जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
जाट बोर्डिंग भवन विवाद भी चर्चा में
वहीं झुंझुनूं के जाट बोर्डिंग विद्यार्थी भवन को लेकर चल रहे विवाद पर भी मंत्री ने बयान दिया।
उन्होंने कहा कि
- जिला कलेक्टर को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं
- तहसीलदार द्वारा मौके का मुआयना किया जा चुका है
- रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी
अब किसका आएगा जवाब?
मंत्री के दावे के बाद अब सभी की नजर रीटा चौधरी के पक्ष पर टिकी है।
मीडिया और आम जनता दोनों इस पूरे मामले पर उनके स्पष्टीकरण का इंतजार कर रहे हैं।
शेखावाटी लाइव ब्यूरो रिपोर्ट झुंझुनू
