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Video News : खाटूश्यामजी लक्खी मेला: 378 वर्षों की परम्परा: सूरजगढ़ का ऐतिहासिक निशान

Devotees crowd Khatushyamji temple during Falgun fair

एकादशी पर 3.53 लाख दर्शन,आठ दिवसीय फाल्गुनी मेले का हुआ भव्य समापन

खाटूश्यामजी कस्बे में आयोजित बाबा श्याम के आठ दिवसीय वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मुख्य पर्व मेला एकादशी पर 3,53,465 श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के दरबार में शीश नवाया।
21 फरवरी से शुरू हुए मेले में अब तक कुल 15,14,874 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

श्रद्धालुओं की गणना श्री श्याम मंदिर कमेटी द्वारा लगाए गए आधुनिक कैमरों से की गई।


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भक्तिमय माहौल में सराबोर खाटूधाम

देश-विदेश से आए श्रद्धालु बाबा श्याम को खीर-चूरमा का भोग अर्पित कर मनोकामनाएं मांगते नजर आए।

“श्याम नाम” के जयकारों से पूरी नगरी गूंज उठी। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर कमेटी ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए।

पुलिस, होमगार्ड, स्वयंसेवक और सीसीटीवी निगरानी के बीच श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराए गए।


378 वर्षों की परम्परा: सूरजगढ़ का ऐतिहासिक निशान

द्वादशी के दिन 378 वर्षों से चली आ रही परम्परा के तहत सूरजगढ़ का ऐतिहासिक निशान विधि-विधान के साथ बाबा श्याम के शिखरबंध पर चढ़ाया गया।

लाखों निशानों में केवल सूरजगढ़ का निशान ही शिखर पर चढ़ाया जाता है, जो वर्षभर लहराता रहता है।

सूरजगढ़ से निकली निशान पदयात्रा भजनों और जयकारों के साथ खाटूधाम पहुंची। विशेष बात यह है कि यह जत्था परम्परा अनुसार पैदल ही वापस सूरजगढ़ लौटता है।


आठ दिवसीय मेले का समापन

शनिवार को आठ दिवसीय फाल्गुनी लक्खी मेले का विधिवत समापन हुआ।
अंतिम दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही और पूरा खाटूधाम भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।