नीट पेपर लीक मामले में जान गंवाने वाले छात्र के परिवार को मिली 11 लाख की सहायता
झुंझुनूं जिले के छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार को एनएसयूआई की ओर से 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। प्रदीप ने कथित तौर पर NEET पेपर लीक प्रकरण के बाद सदमे में आकर आत्महत्या कर ली थी।
मंगलवार को एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और पूर्व मंत्री राजकुमार शर्मा गुढ़ा गौड़जी पहुंचे और परिवार से मुलाकात की।
परिवार को सौंपा 11 लाख रुपये का चेक
एनएसयूआई नेताओं ने अपनी घोषणा के अनुसार परिवार को 11 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा।
परिजनों ने बताया कि बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए उन्होंने भारी आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद करीब 11 लाख रुपये का कर्ज लिया था।
“डॉक्टर बनाना था सपना”
परिवार का कहना है कि प्रदीप पढ़ाई में मेहनती था और डॉक्टर बनकर परिवार का नाम रोशन करना चाहता था।
लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक की खबरों से वह मानसिक रूप से टूट गया और गहरे सदमे में चला गया।
“यह आत्महत्या नहीं, सिस्टम की विफलता”
एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का संदेश है।
उन्होंने कहा कि प्रदीप की मौत “आत्महत्या नहीं बल्कि भ्रष्ट सिस्टम की विफलता” है।
राहुल गांधी ने भी की थी बात
विनोद जाखड़ ने बताया कि पूर्व में परिवार से मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फोन पर परिजनों से बात कर सांत्वना दी थी।
उन्होंने न्याय की लड़ाई में हर संभव मदद का भरोसा भी दिया था।
देशभर के कार्यकर्ताओं ने जुटाई सहायता राशि
एनएसयूआई के अनुसार यह सहायता राशि देशभर के संगठन कार्यकर्ताओं के सहयोग से जुटाई गई है।
संगठन ने कहा कि पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।






