चूरू जिले के राजलदेसर राजकीय चिकित्सालय में एक मरीज की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मृतक के परिजनों ने अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया।
मामले को लेकर देर रात तक प्रदर्शन जारी रहा और मंगलवार सुबह तक भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
इलाज में देरी का आरोप
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान रामलाल भाट के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर कपिल धाभाई ने समय पर सही उपचार नहीं दिया और बार-बार आग्रह करने के बावजूद मरीज को समय रहते रेफर नहीं किया।
परिजनों के अनुसार रामलाल को सुबह करीब 9 बजे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्होंने डॉक्टर से कई बार बड़े अस्पताल में रेफर करने की मांग की, लेकिन उन्हें लगातार आश्वासन दिया जाता रहा।
आरोप है कि आखिरकार दोपहर करीब 2 बजे मरीज को बीकानेर रेफर किया गया, जहां शाम करीब 5 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल के बाहर धरना और प्रदर्शन
मरीज की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए। मृतक के शव को अस्पताल के आगे रखकर प्रदर्शन किया जा रहा है।
धरने पर अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष भादर भाम्भू, भीम आर्मी अध्यक्ष श्रवण बारूपाल, कालूराम मेघवाल, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष मोहम्मद जब्बार खोखर सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मंगलवार सुबह धरने में विधायक पुसाराम गोदारा और गोपाल मारू सहित कई जनप्रतिनिधि भी पहुंचे।
पुलिस और प्रशासन मौके पर तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजलदेसर पुलिस थाना से एएसआई बजरंग यादव पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में सीआई सुरेंद्र बारूपाल ने भी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामला शांत करवाने की कोशिश की।
सुबह तहसीलदार हरदीप सिंह और बीसीएमएचओ मनीष तिवारी भी मौके पर पहुंचे और समझाइश की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही।
डॉक्टर की बर्खास्तगी और मुआवजे की मांग
परिजन और प्रदर्शनकारी डॉक्टर को तत्काल बर्खास्त करने तथा मृतक परिवार को मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं।
करीब 12 घंटे से जारी धरने के कारण अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।






