झुंझुनू, झुंझुनू शहर में कल देर रात तक पुलिस प्रशासन और पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के बीच लंबे समय तक जो नोक झोक चली वह अभी तक सोशल मीडिया पर छाई हुई है लेकिन इसी बीच सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि पूरा जो विवाद था यह काफी गंभीर प्रवृत्ति से जुड़ा हुआ है और इस विवाद के बीच ही कई मानवीय पहलू भी सामने आए हैं, जिसमे स्थानीय दुकानदारों के पैसे लेने के आरोप हो या फिर रोजी रोटी का जरिया चला जाने का मामला हो या फिर दूसरी तरफ कानून की पालना और कोर्ट का निर्णय।
वह भी सोचने पर विवश करते हैं। बता दें कि शहर के रोड नंबर 1 पर स्थित हांडी शाह दरगाह के पास वक़्फ़ बोर्ड की जमीन से कुछ महीने पहले न्यायालय के आदेश से अतिक्रमण हटाकर वहां अस्थाई सुरक्षा दीवार बनाई गई थी आरोप है कि बेदखली से नाराज लोगों ने रात को उस दीवार को तोड़ दिया। वहीं सूचना पर पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा भी दुकानदारों के समर्थन में मौके पर पहुंच गए और दूसरी तरफ बड़ी संख्या में पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा।
इस दौरान राजेंद्र गुढ़ा और शहर कोतवाल श्रवण कुमार के बीच काफी नोक झोक देखने को मिली। इस दौरान आरोप प्रत्यारोप भी लगाए गए जो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वहीं अब देखने वाली बात है कि वक़्फ़ बोर्ड इस पूरे मामले पर किस प्रकार से कार्रवाई करता है और पुलिस प्रशासन अपने स्तर पर रात की घटना को लेकर किसी प्रकार का एक्शन लेता है या नहीं।
इस मामले में समाचार लिखे जाने तक वस्तु स्थिति जानने के लिए पुलिस प्रशासन से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। वहीं शहर कोतवाल और पूर्व मंत्री के बीच गाड़ी में बैठा कर ले जाने की बात को लेकर भी काफी नोक झोक होती हुई वायरल वीडियो में देखी गई लेकिन अब जैसे-जैसे सोशल मीडिया पर रात की घटना की वीडियो और तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोगों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आगे इस मामले में क्या कोई कार्रवाई देखने को मिलेगी या फिर सिर्फ कुछ समय के लिए एक तरह से पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा और पुलिस के बीच की यह तीखी नोक झोक महज मैत्री मैच जैसी स्थिति में ही सिमट कर रह जाएगी। यह देखने वाली बात है। क्योकि इसी झुंझुनू में पूर्व में पेंशन मांगने आए बुजुर्ग को भी उलझने पर जेल की हवा खानी पड़ी थी। ब्यूरो रिपोर्ट झुंझुनू





