झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र के काजड़ा गांव में एक शिक्षिका पर धर्म परिवर्तन के प्रचार-प्रसार के आरोप लगने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
घर-घर संपर्क और धार्मिक सामग्री बांटने के आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, जवाहर नवोदय विद्यालय में संविदा पर कार्यरत शिक्षिका पिछले करीब डेढ़ महीने से गांव में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रही थी।
आरोप है कि वह हिंदू धर्म के प्रति नकारात्मक बातें कर रही थी और ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रही थी।
साथ ही, ग्रामीणों ने धार्मिक पुस्तकें और साहित्य बांटने का भी आरोप लगाया है।
सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन, महिलाओं की भागीदारी
शुक्रवार शाम करीब 6 बजे सैकड़ों ग्रामीण विद्यालय के मुख्य द्वार पर जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
इस प्रदर्शन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली, जिससे मामले की गंभीरता साफ नजर आई।
पुलिस ने संभाली स्थिति, तीन घंटे चला धरना
स्थिति बिगड़ने की आशंका के बीच पिलानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
सीआई चंद्रभान ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत किया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस आश्वासन पर ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
थाने में शिकायत दर्ज, जांच शुरू
ग्रामीणों ने संबंधित शिक्षिका के खिलाफ लिखित शिकायत पिलानी थाने में दर्ज कराई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी।
समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
समाजसेवी विक्रम शर्मा ने कहा कि ऐसी गतिविधियां सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर सकती हैं।
पूर्व उपसरपंच मदन चनेजा ने कहा कि काजड़ा गांव भाईचारे के लिए जाना जाता है और माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
पंच प्रतिनिधि पवन गुर्जर ने बताया कि कई परिवारों की शिकायत के बाद ही यह सामूहिक विरोध किया गया।
प्रशासन की अपील: शांति बनाए रखें
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस निगरानी जारी है।
