झुंझुनूं। लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के करीबी माने जाने वाले कुख्यात शूटर सचिन भिवानी को झुंझुनूं पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सचिन भिवानी पर हत्या, अपहरण, रंगदारी और मारपीट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
2022 के अपहरण मामले में कार्रवाई
झुंझुनूं कोतवाली पुलिस ने सचिन भिवानी को हरियाणा की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था।
मामला वर्ष 2022 का बताया जा रहा है, जिसमें उस पर संदीप डांगी के अपहरण और मारपीट का आरोप है।
संदीप डांगी के अपहरण का आरोप
एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत के अनुसार, भूरुंदा गांव निवासी संदीप डांगी का गैंगस्टर संपत नेहरा के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद था।
आरोप है कि संपत नेहरा के कहने पर सचिन भिवानी ने संदीप का अपहरण किया और उसके साथ मारपीट कर उसे लोहारू के पास फेंक दिया था।
इस मामले में पुलिस पहले ही उसके सहयोगी कपिल पंडित को गिरफ्तार कर चुकी है।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़ा नाम
सचिन भिवानी का नाम चर्चित सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी सामने आया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, वह उन मुख्य शूटरों में शामिल था जिन्होंने पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की थी। उस पर शूटरों को हथियार और रसद उपलब्ध कराने के भी आरोप हैं।
झुंझुनूं पुलिस रही हाई अलर्ट पर
सचिन भिवानी की पेशी और पूछताछ को देखते हुए झुंझुनूं पुलिस पिछले चार दिनों से हाई अलर्ट पर थी।
पेशी से पहले हथियारबंद पुलिस जवानों की सुरक्षा में उसका राजकीय बीडीके अस्पताल में मेडिकल भी करवाया गया।
कई राज्यों में दर्ज हैं मामले
पुलिस के अनुसार, सचिन भिवानी के खिलाफ राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
इनमें हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था।





