मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश साबू के खिलाफ डॉक्टरो ने खोला मोर्चा
झुंझुनूं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश साबू के खिलाफ सेवारत चिकित्सक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। जिलेभर के करीब 400 चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
जिला अस्पताल के बाहर प्रदर्शन
जिले के सबसे बड़े राजकीय अस्पताल में 75 चिकित्सकों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करते हुए पिछले छह माह में छह चिकित्सकों को बर्खास्त करने के फैसले का विरोध किया।
चिकित्सकों ने प्राचार्य के रवैये को तानाशाही और बर्बरतापूर्ण बताया।
जीबीएम में लिए गए अहम निर्णय
अरिसदा (राजस्थान इन सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन) के बैनर तले आयोजित जीबीएम में यह निर्णय लिया गया कि:
- 175 चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत चिकित्सक काली पट्टी बांधकर विरोध जारी रखेंगे।
- 20 तारीख से प्रतिदिन 2 घंटे का कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
- आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।
- राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
चिकित्सकों की प्रतिक्रिया
अरिसदा अध्यक्ष डॉ. एस. ए. जब्बार और महासचिव डॉ. राजेन्द्र ढाका के नेतृत्व में विरोध दर्ज कराया गया।
अरिसदा प्रवक्ता डॉ. विजय झाझड़िया ने कहा,
“लोकतांत्रिक व्यवस्था में बिना अतिरिक्त मानदेय शिक्षण कार्य कर रहे चिकित्सकों को बर्खास्त करना निंदनीय है। इससे चिकित्सा वर्ग आहत है।”
उप जिला और सीएचसी में भी विरोध
जिला अरिसदा के आह्वान पर:
- उप जिला अस्पताल मलसीसर
- सीएचसी सूरजगढ़
- सीएचसी सुल्ताना
- जिला अस्पताल नवलगढ़
सहित विभिन्न संस्थानों में चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और सेवाएं जारी रखीं।
मरीजों पर क्या होगा असर?
चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित कार्य बहिष्कार के दौरान भी इमरजेंसी सेवाएं बाधित नहीं होंगी।
हालांकि, नियमित ओपीडी सेवाओं पर आंशिक असर पड़ सकता है।
