जाते समय 15 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण भी ले गई
रतनगढ़, [सुभाष प्रजापत ] तहसील के एक गांव में शादी के महज 17 दिनों बाद अपने पीहर से लापता हुई नवविवाहिता का एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सुराग नहीं लगने पर लोग आक्रोशित हो गए तथा शनिवार को पुलिस थाना का घेराव किया तथा धरना देकर अपना विरोध जताया। मामले के अनुसार छह मई को एक व्यक्ति ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी कि उसकी बेटी पांच मई की रात से लापता हो गई थी, जिसे गांव मेलुसर का लिखमाराम मेघवाल बहला फुसलाकर ले जा सकता है। जाते समय नवविवाहिता अपने साथ लाखों रुपए के गहने व नकदी भी लेकर चली गई। पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर गुमशुदगी दर्ज कर टीमों का गठन किया तथा दिल्ली, यूपी व गाजियाबाद आदि जगहों पर दबिश दी, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं लगा। युवती की शादी 18 अप्रैल को हुई थी। थाने में घेराव की सूचना पर सब इंसपेक्टर देवी सहाय व डीवाईएसपी अनिल पुरोहित भी मौके पर पहुंचे तथा अब तक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से अवगत करवाया। घटना को लेकर लापता विवाहिता के पिता ने शनिवार को नामजद मुकदमा दर्ज करने की एक रिपोर्ट भी दी है। रिपोर्ट में लिखा है कि दो मई को प्रार्थी के पिता बीमार होने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जिसके कारण वह और उसका बेटा भी अस्पताल में देखरेख करने के लिए रूके हुए थे। पांच मई को घर पर उसकी पत्नी व दो पुत्रियां थी, जो रात्रि को खाना खाकर सो गई थी। देर रात को आरोपी लिखमाराम उसके घर में प्रवेश कर बड़ी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगाकर ले गया। जाते समय पुत्री सोने-चांदी के आभूषण भी ले गई, जिनकी कीमत करीब 15 लाख रुपए हैं। इस कार्य में अभिषेक खारड़िया, मीरां एवं आरती ने भी सहयोग किया है तथा जयप्रताप भी इस षड़यंत्र में शामिल है। रिपोर्ट में पुत्री की जान को खतरा भी बताया है। इस मौके पर गांव के सर्वसमाज के दर्जनों लोग उपस्थित थे। ग्रामीणों से रूबरू होते हुए डीवाईएसपी पुरोहित ने 30 जून तक विवाहिता की बरामदगी करने का आश्वासन देने पर ग्रामीणों ने अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया। शेखावाटी लाइव के लिए रतनगढ़ से सुभाष प्रजापत की रिपोर्ट