Hindi News / Agriculture News (कृषि समाचार) / Sarson ka Bhav : सरसों के भाव में रिकार्ड तेजी, 8 हजार रुपये क्विंटल पहुंचने की उम्मीद

Sarson ka Bhav : सरसों के भाव में रिकार्ड तेजी, 8 हजार रुपये क्विंटल पहुंचने की उम्मीद

Sarson ka Bhav : सरसों के भाव में रिकार्ड तेजी, 8 हजार रुपये क्विंटल पहुंचने की उम्मीद

हरियाणा की मंडियों में 15 मई के बाद दोबारा शुरू हुई सरकारी सरसों खरीद के बावजूद नई अनाज मंडी में किसानों की आवक लगभग थम गई है। पिछले दो दिनों से मंडी में कोई किसान अपनी सरसों बेचने नहीं पहुंचा है।

इसकी मुख्य वजह प्राइवेट में मिल रहे ऊंचे दाम और आने वाले समय में भाव बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी खरीद केंद्रों पर सरसों का भाव 6250 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि प्राइवेट व्यापारियों द्वारा किसानों को 7400 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव दिए जा रहे है।

ऐसे में किसान सरकारी खरीद केंद्रों की बजाय प्राइवेट व्यापारियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं कई किसानों ने अपनी फसल बेचने के बजाय स्टॉक किया हुआ है ताकि बेहतर दाम मिल सकें। किसान उमेद ने बताया कि उन्होंने शुरुआत से ही सरसों को रोककर रखने का फैसला लिया था अभी तक एक भी क्विंटल नहीं बेची है।

किसान महेंद्र का कहना है कि बाजार में तेजी है। वहीं किसान राजेश कुमार ने बताया कि दिवाली के आसपास यदि भाव 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचते हैं तो ही फसल बेचेंगे।
सस्सों के भाव बढ़ने की उम्मीद नई अनाज मंडी में आढ़त का कार्य कर रहे व्यापारी दिनेश कुमार ने बताया कि सरसों के भाव का अनुमान लगाना फिलहाल मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि मई महीने के शुरुआती 20 दिनों में ही 42 लैब सरसों के दाम करीब एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ चुके हैं। बाजार की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में भाव और बढ़ने की संभावना बनी हुई है। उन्होंने कहा कि किसान फिलहाल घाटे में नहीं हैं, इसलिए वह जल्दबाजी में फसल बेचने से बच रहे हैं।

बैगर मार्केट फीस गोदाम में रखना है गैरकानूनी

दूसरी ओर मार्केट कमेटी और मंडी अधिकारी बिना लाइसेंस सरसों खरीदने और स्टॉक करने वाले व्यापारियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चला रहा है। अब तक करीब दो हजार क्विंटल सरसों पर जुर्माना लगाया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई व्यापारी अवैध भंडारण करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी खरीद केंद्रों पर सरसों नहीं पहुंच रही

गांवों में निजी खरीद करने वाले व्यापारियों पर नजर है। हालांकि किसानों की बढ़ती उम्मीदों और निजी बाजार में ऊंचे दामों के चलते फिलहाल सरकारी खरीद केंद्रों पर कोई किसान अपनी फूसल बेचने नहीं आ रहा है।” विजय कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी

Best JEE Coaching Jhunjhunu City
Shivonkar Maheshwari Technical Institute
Ravindra School Jhunjhunu City
Prince School, Islampur