वैश्विक बाजार में पाम तेल का भाव ऊंचा एवं तेज होने से सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल एवं सरसों तेल के प्रति खरीदारों का रुझान बढ़ गया है। इससे भारत की कुछ नामी-गिरामी तेल कंपनियों को विशेष फायदा होने की उम्मीद है। सोयाबीन, सरसों एवं सूरजमुखी की कीमतों में उछाल आने से भारतीय किसानों को भी आकर्षक फायदा हो रहा है।
स्वदेशी खाद्य तेलों की मांग एवं खपत में अच्छी बढ़ोत्तरी हो रही है। स्वयं भारत में पाम तेल का उत्पादन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। तिलहनों के क्रशर्स-प्रोसेसर्स एवं एग्री-इनपुट कंपनियों की सरि यता बढ़ गई है।
इंडोनेशिया में 1 जुलाई 2026 से वी 50 प्रोग्राम लागू होने वाला है जबकि अल नीनो के प्रकोप से इंडोनेशिया, मलेशिया एवं थाईलैंड में ऑयल पाम का उत्पादन आगामी महीनों में प्रभावित हो सकता है।
तेल-तिलहन की थोक कीमतें
लूज तेल (प्रति वस किलो) : इंदौर मूंगफली तेल 1620 से 1640, मुंबई मूंगफली तेल 1650, इंदौर सोयाबीन रिफाइंड 1480 से 1485, इंदौर सोयाबीन साल्वेंट 1430 से 1435, मुंबई सोया रिफाइंड 1510, मुंबई पाम तेल 1495, इंदौर पाम 1570, राजकोट तेलिया 2550, गुजरात लूज 1625, कपास्या तेल इंदौर 1490 रुपए।
तिलहन: सरसों निमाड़ी (बारीक) 8000 से 8300, रायडा 6800 से 7200, सोयाबीन 7200 से 7400 रुपए क्विंटल। सोयाबीन डीओसी स्पॉट 63000 रुपए टन।
प्लांटों के सोयाबीन भाव: धानुका नीमच 7550, एवी एग्रो उज्जैन 7550, पतंजलि मांगलिया 7400, प्रेस्टीज देवास 7400, मित्तल देवास 7351 रुपए।
कपास्या खली (60 किलो भरती) बिना टेक्स भाव- इंदौर 2600, देवास 2600, उज्जैन 2600, खंडवा 2575, बुरहानपुर 2575, अकोला 3925 रुपए।





