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शिक्षा एवं प्रगति पथ पर अग्रसर होने के लिए विकलांगता बाधक नहीं

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ओमप्रकाश कुमावत ने किया साबित

दांतारामगढ़, [प्रदीप सैनी ] कस्बे में स्थित आर्यन पीजी महाविद्यालय में पं. दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीए फाइनल परीक्षा 2021 की प्रथम पारी में परीक्षा केन्द्र पर एक परीक्षार्थी ओमप्रकाश कुमावत निवासी घाटवा जो दोनों हाथों व पैरों से विकलांग होने के बावजूद भी उसने बड़े जोश और जूनून के साथ परीक्षा दी। महाविद्यालय के निदेशक भंवर लाल मुवाल ने बताया कि शिक्षा एवं प्रगति पथ पर अग्रसर होने के लिए विकलांगता बाधक नहीं बनती क्योंकि व्यक्ति में जज्बे के साथ आत्मविश्वास होना चाहिए। केन्द्राधीक्षक अशोक कुमार ने कहा कि शारीरिक विकृति होना अपने वश में नहीं है लेकिन अपने जीवन को मजबूत इरादों से बेमिशाल बनाया जा सकता हैं क्योकि जीवन एक संघर्ष है। जिसको संघर्ष के साथ-साथ उज्ज्वल बनाया जा सकता हैं। संपूर्ण परीक्षा के दौरान ध्यान रखा कि परीक्षार्थी को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो। अगर होंसले हो बुलंद तो आंधियों में भी चिराग जलाया जा सकता है। परीक्षार्थी के जज्बे को सलाम करते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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