13 साल के लंबे इंतजार के बाद नए राशन कार्ड बनाने तथा मौजूदा काडों में नए सदस्यों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) 2013 के प्रावधानों को प्रभावी बनाने के लिए ‘दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम 2026’ लागू कर दिया है।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा, अब आवेदक आधिकारिक ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (edistrict.delhigovt.nic. in) के जरिए सीधे आवेदन कर सकते हैं। पुराने लंबित आवेदनों को आवेदकों के लॉगिन प्रोफाइल पर वापस भेज दिया गया है, जिन्हें वर्तमान ‘फैमिली इनकम सर्टिफिकेट’ के साथ दोबारा अपडेट कर जमा करना होगा।
यह ऐतिहासिक कदम दिल्ली सरकार द्वारा कराए गए व्यापक ऑडिट के बाद उठाया गया है। जांच में राशन वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गई, जिसके तहत 7.71 लाख से अधिक अपात्र और फर्जी लाभार्थी चिह्नित कर हटाए गए।
इनमें निर्धारित आय से अधिक वाले, मृत व्यक्ति और एक से अधिक स्थानों से लाभ ले रहे लोग शामिल थे। अपात्रों के हटने से लगभग 7.72 लाख नए जरूरतमंदों के लिए स्थान रिक्त हुआ है। दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम 2026 के अंतर्गत अनिवार्य वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को भी 1 लाख से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपए कर दिया गया है, जिसे भविष्य में 2.50 लाख रुपए करने की योजना है।
राशन वितरण प्रणाली में डिजिटल बदलाव
नई व्यवस्था के तहत राशन वितरण प्रणाली में बड़े स्तर पर डिजिटल बदलाव किए गए हैं। अब राशन दुकानों पर पारंपरिक तराजू की जगह आधुनिक ई-वेइंग (इलेक्ट्रॉनिक) मशीनें लगाई जा रही हैं।
साथ ही बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। पात्रता नियमों को भी कड़ा किया गया है। पहले केवल स्व-घोषणा (सेल्फ डिक्लेरेशन) के आधार पर आय स्वीकार की जाती थी, जिससे अपात्र लोग भी लाभ उठा लेते थे।
अब राशन कार्ड आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, नवीनतम आय प्रमाण पत्र और परिवार के सभी सदस्यों का आधार विवरण जमा करना अनिवार्य होगा।
राशन कार्ड की प्रक्रिया 3 चरणों में होगी पूरी
खाद्य-आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, पहले चरण में खाद्य-आपूर्ति अधिकारी आवेदन व दस्तावेजों की डिजिटल जांच करेंगे तथा जरूरत पड़ने पर मौके पर वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा। पात्रता जांच पूरी होने पर आवेदन सहायक आयुक्त के पास भेजा जाएगा।
तीसरे और आखिरी चरण में निर्णय जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली जिला समिति करेगी, जिसमें क्षेत्र के दो विधायक भी शामिल होंगे। समिति की मंजूरी मिलते ही राशन कार्ड डिजिटल रूप से जारी हो जाएगा और आवेदक उसे डाउनलोड कर सकेंगे।





