उदयपुर शहर के आसपास बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव के बीच दो बड़ी सड़क परियोजनाएं लोगों के लिए राहत लेकर आ रही है। सीसारमा नांदेश्वर और जड़ाव नर्सरी-कलड़वास सड़क का निर्माण तेजी से चल रहा है। इन सड़कों के बनने से शहर और आसपास के क्षेत्रों में सफर आसान, सुरक्षित और तेज होगा।
रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, वहीं ट्रैफिक जाम की समस्या में भी काफी राहत मिलेगी। दोनों सड़कों से आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी मजबूत करेंगी।
सीसारमा-नांदेश्वर सड़क : 90% काम पूरा, जून तक बनने की उम्मीद
सीसारमा से नांदेश्वर तक बन रही 6 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। करीब 12.31 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही इस सड़क का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। इस परियोजना से करीब 1.25 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
सड़क बनने के बाद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगा। नई सडक बनने से लोगों का यात्रा समय कम होगा और शहर की अन्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा। परियोजना का कार्य 10 दिसंबर 2024 को शुरू हुआ था और इसे 9 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जड़ाव नर्सरी-कलड़वास सड़कः नई कनेक्टिविटी से मिलेगी राहत
जड़ाव नर्सरी से कलड़वास तक बन रही सड़क परियोजना को शहर के लिए महत्वपूर्ण यातायात कॉरिडोर माना जा रहा है। करीब 33.20 करोड़ रुपए की लागत से बन रही 5.70 किमी लंबी सड़क का 77 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद एक लाख लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
शहर के बाहरी क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी और भारी वाहनों की आवाजाही भी सुचारू हो सकेगी। अगस्त तक पूरा होगा परियोजना 10 दिसंबर 2024 को शुरू हुई थी और इसे 9 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सड़क बनने से क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।





