Archive notice This article was published on 21 May 2026 and reflects conditions at the time of publication. Information, figures, and context may have changed since.

New Passport Rules : विदेश यात्रा, नौकरी, उच्च शिक्षा और मेडिकल इमरजेंसी के लिए पासपोर्ट बनवाने वालों के लिए राहत की खबर है। भारत सरकार ने पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बना दिया है।

यदि आवेदक डिजिलॉकर के माध्यम से दस्तावेज अपलोड करते है तो पासपोर्ट सामान्य प्रक्रिया की तुलना में 8 से 10 दिन पहले घर पहुंच सकता है। पासपोर्ट विभाग की ओर से अपनाई नई डिजिटल व्यवस्था से दस्तावेज सत्यापन, पुलिस वैरिफिकेशन और आवेदन जांच की प्रक्रिया तेज हो गई है।

सामान्य तरीके से आवेदन करने पर जहां पासपोर्ट बनने में 21 से 25 दिन लग जाते हैं, वहीं डिजिलॉकर के जरिये आवेदन करने पर प्रक्रिया 14 से 15 दिन में पूरी हो रही है।

पुलिस वैरिफिकेशन में भी तेजी

पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में सबसे अधिक समय पुलिस सत्यापन में लगता है, लेकिन डिजिलॉकर से जुड़े दस्तावेज पहले से प्रमाणित होने के कारण जांच प्रक्रिया भी तेज हो गई है।

अधिकारियों के अनुसार तत्काल सेवा के तहत स्वीकृत पासपोर्ट अब दो दिन के भीतर स्पीड पोस्ट से भेजे जा रहे हैं। कई मामलों में अगले ही दिन पासपोर्ट डिस्पैच होने के उदाहरण भी सामने आए हैं।

ऐसे करें डिजिलॉकर से आवेदन

  1. पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन- पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर नया अकाउंट बनाएं या लॉगइन करें।
  2. डिजिलॉकर एक्सेस दें– आवेदन फॉर्म भरते समय ग्रांट – डिजिलॉकर एक्सेस विकल्प चुनें।
  3. वस्तावेज फैच करें- मोबाइल नंबर या आधार के जरिए
    डिजिलॉकर लॉग इन करें और फेच फ्रॉम डिजिलॉकर पर क्लिक करें। दस्तावेज स्वतः पोर्टल पर अपलोड हो जाएंगे।
  4. फीस जमा कर अपॉइंटमेंट लें- ऑनलाइन फीस जमा करने के बाद पासपोर्ट सेवा केंद्र जाकर बायोमेट्रिक और वैरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करें।

सरकारी डेटाबेस से होगा सत्यापन

पासपोर्ट विभाग के अनुसार डिजिलॉकर से अपलोड किए गए दस्तावेज पहले से सरकारी रिकॉर्ड में सत्यापित होते हैं। ऐसे में नाम, जन्मतिथि और पते से जुड़ी त्रुटियां कम हो जाती हैं।

विभाग का कहना है कि बड़ी संख्या में आवेदन केवल अस्पष्ट स्कैन कॉपी, अधूरी जानकारी और दस्तावेज की गड़बड़ियों के कारण लंबित हो जाते हैं। अब डिजिलॉकर के माध्यम से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और शैक्षणिक दस्तावेज इससे अलग से फोटोकॉपी या स्कैन सीधे पोर्टल पर उपलब्ध हो जाते हैं। कॉपी अपलोड करने की आवश्यकता नहीं रहती और फर्जी दस्तावेज पर भी प्रभावी रोक लगती है।