इंदौर के सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और शहर के आसपास विकसित हो रहे मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का असर प्रॉपर्टी बाजार और रजिस्ट्री कारोबार पर दिखने लगा है।
इसके चलते राज्य शासन ने साल 2026-27 के लिए जिले के चारों रजिस्ट्रार कार्यालयों को मिलाकर 3550 करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में इकोनॉमिक कॉरिडोर, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और वेस्टर्न रिंग रोड जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के कारण सरकारी खजाना जमीनों की मांग और रजिस्ट्री की संख्या में तेजी आएगी।
सबसे ज्यादा इंदौर-3 क्षेत्र को 1000 करोड़ जबकि मोती तबेला इंदौर-1 को 813, इंदौर-2 को 897 और मह नाका इंदौर-4 कार्यालय को 840 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया है।
अप्रैल के आंकड़ों ने बढ़ाई उम्मीद
विभाग को वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही राहत मिली है। अप्रैल-2026 में जिले को स्टाम्प और पंजीयन शुल्क से 133.83 करोड़ का राजस्व मिला, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 114.38 करोड़ रुपए था। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि आने वाले महीनों में रजिस्ट्री कारोबार और तेजी पकड़ेगा।





