तपती धूप से परेशान हरियाणा के लोगों के लिए थोड़ी राहत की खबर है। आज से 2 जून तक नौतपा रहेगा, लेकिन इसी बीच में हरियाणा में प्री-मानसून की दस्तक हो जाएगी। हालांकि प्री-मानसून से पहले हरियाणा के विभिन्न जिलों में बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा। लगातार दूसरे वर्ष पश्चिमी विक्षोभ और मौसम में बदलाव के कारण नौतपा की तपिश फीकी रहने वाली है।
उत्तर पाकिस्तान की ओर से आ रहे नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से 28 से 30 मई के बीच पानीपत व आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बन रहे हैं। इसके तुरंत बाद, 1 जून से प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। हालांकि इससे उमस में बढ़ोतरी होगी, लेकिन चिलचिलाती धूप और लू से आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन इसके बाद उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
समय से पहले बदला मौसम, हवाओं की दिशा में परिवर्तन
25 मई से शुरू होने वाले नौतपा से तीन दिन पूर्व ही शहर के मौसम में स्पष्ट बदलाव देखा गया। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाने के साथ हवाओं की गति 15 किमी प्रतिघंटा से घटकर 10 किमी प्रतिघंटा रह गईं।
हालांकि, रविवार सुबह आसमान साफ रहने और धूप खिलने से दिन के तापमान में 1.2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई और अधिकतम पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, रात के तापमान में 0.7 डिग्री की गिरावट के साथ न्यूनतम पारा 26.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
पिछले 7 में 3 साल ही नौतपा में तपे दिन
2019 से 2025 तक की बात करें तो 7 वर्षों में 3 साल 2019, 2020 और 2024 में ही नौतपा में दिन तपे। नौतपा में अधिकतम पारा 45 डिग्री से ऊपर रहा। 2020 में सबसे अधिक तपाया, पारा 46.8 डिग्री और रात का 31.4 डिग्री तक पहुंच गया था।
नौतपा का असर कम रहने की उम्मीद
वैश्विक जलवायु चक्र के कारण प्रतिवर्ष 25 मई से 2 जून तक नौतपा का प्रभाव रहता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे आमतौर पर तापमान 45 डिग्री के पार चला जाता है और जमीन की नमी वाष्पीकृत होकर अत्यधिक उमस पैदा करती है। इस वर्ष भी बारिश और बादलों के कारण नौतपा का असर लगभग बेअसर रहने की उम्मीद है।





