
झुंझुनू, बृजेन्द्र सिंह ओला ने कहा किसानों से वादा किया गया था कि आय दोगुनी करेंगे। वो तो किया नहीं गया, पर केंद्र की भाजपा सरकार ने उर्वरकों की क़ीमत बहुत ज़्यादा बढ़ा दी है। इस फ़रवरी में यूरिया की क़ीमत में 9% की बढ़ोतरी हो गई और DAP जिसका अंतराष्ट्रीय बाज़ार में क़ीमत गिर रही है उसके दाम में भी कोई राहत नहीं है। यूरिया के कट्टे का वज़न 50 किलोग्राम से घटाकर 45 किलोग्राम क्यों किया गया है? नीम कोटेड यूरिया का सरकार ने बहुत प्रचार किया। क्या सरकार ने उसकी उपयोगिता पर कोई स्टडी करवाई है? पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की स्टडी आई है कि उससे पैदावार पर 25% से 35% तक की कमी आ गई और दूसरे पोषक तत्व कम हो गए। क्या सरकार नीम कोटेड यूरिया के इस्तेमाल के स्थान पर लिक्विड यूरिया को बढ़ावा देना चाहती है? देश हित और किसानों के हित में सरकार को बताना चाहिए कि वो खाद, यूरिया और उर्वरक के दामों में लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठा रही है।