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अन्नपूर्णा दूध योजना मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे का प्रदेश के बच्चों के लिए मातृत्व प्रेम-रतन लाल जलधारी

सीकर, अन्नपूर्णा दूध योजना का भव्य शुभारम्भ सोमवार को श्री कल्याण रा.उ.मा.वि. में जिला प्रमुख अपर्णा रोलन , सीकर विधायक रतन लाल जलधारी, जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने 11 स्कूली छात्रा-छात्राओं को अपने हाथों से दूध पिला कर किया। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक प्रथम) जगदीश प्रसाद शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) लक्ष्मीनारायण बड़ीवाल, दीपचन्द बुनकर, प्राचार्य पुरूषोत्तम लाल सैनी, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला प्रमुख अपर्णा रोलन ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने अन्नपूर्णां दूध योजना की अनूठी पहल की है। उन्होंने कहा कि पूर्व में विद्यालयों में बच्चों को मिड डे मील में भोजन मिलता था, अब दूध भी मिलेगा। दूध से ताकत मिलती है। दूध से बच्चों को प्रोटीन व कैल्शियम मिलेगा जिससे उनकी सेहत में भी अपेक्षित सुधार होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की अन्नपूर्णां दूध येाजना के अन्तर्गत बच्चों को सप्ताह में तीन दिन तक उच्च गुणवत्तापूर्ण गर्म ताजा दूध मिलेगा। सरकार की अन्नपूर्णां दूध योजना के अन्तर्गत बच्चों को यह गर्म दूध प्रार्थना सभा के तुरन्त बाद दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूध पीने से बच्चों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। विशिष्ट अतिथि एवं सीकर विधायक रतन लाल जलधारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्राी वसुन्धरा राजे ने वर्ष 2018-19 के अपने बजट भाषण में अन्नपूर्णा दूध योजना शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी स्वस्थ रहेगी तो देश खुशहाल होगा। मुख्यमंत्राी ने अन्नपूर्णा दूध योजना का शुभारम्भ कर आने वाली पीढ़ी को इस योजना से संवारने का कार्य किया है। दूध से बच्चों को पोष्टिक तत्व प्राप्त होंगे जिससे उनका स्वास्थ्य भी चुस्त-दुरूस्त बना रहेगा।जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में इस अवसर पर कहा कि अन्नपूर्णा दूध योजना का मुख्य उद्ेश्य राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों के नामांकन, उपस्थिति में वृद्धि व आवश्यक मेक्रो व माइक्रो न्यूट्रिएंट्स उपलब्ध करवाया जाना है। दूध की उपलब्धता शाला प्रबन्धन समिति की ओर से की जाएगी जिसमें पंचायत क्षेत्रा में स्थित पंजीकृत महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से दूध क्रय किया जाएगा। ये नहीं होने पर अन्य पंजीकृत दुग्ध उत्पादक समितियों से, सरस डेयरी से दूध खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि सेहत का गिलास, हर बच्चें के हाथ में हो। दूध बच्चों की सेहत के लिए अच्छा है। दूध पीने से पढ़ाई में मन लगता है व दूध में केल्शियम की मात्रा होती है जिससे हड्डियां भी मजबूत बनती है। बच्चों को दूध मिलने से उनमें पोषक तत्वों की पूर्ति की कमी पूरी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्राी वसुन्धरा राजे के सफल प्रयासों से आज शिक्षा की दशा व दिशा बदली है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मिड डे मील की तरह ही अन्नपूर्णां दूध योजना का सफल क्रियान्वयन करना सुनिश्चित करें।
जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक प्रथम) जगदीश प्रसाद शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जिले के राजकीय प्राथमिक, उच्चप्राथमिक, मदरसों के कक्षा एक से 8 तक के 1939 विद्यालयों के एक लाख 63 हजार 411 बच्चों को अन्नपूर्णा दूध योजना से लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रा के कक्षा एक से 8 तक के विद्याार्थियों को सप्ताह में सोमवार, बुधवार , गुरूवार को तथा ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार को अन्नपूर्णां योजना के तहत दूूध वितरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दूध की गुणवत्ता की लेक्टोमीटर से जांच कर पोष्टिक दूध वितरण करने के लिए समस्त संस्था प्रधानों को निर्देश जारी कर दिए गए है। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी विक्रम सिंह शेखावत, पवन कुमार शर्मा, विद्यालय के कार्मिक, छात्रा-छात्राएं उपस्थित रहे। संचालन व्याख्याता सरोज लोयल ने किया।
11 छात्रा-छात्राओं को दूध पिलाकर अन्नपूर्णां दूध योजना का किया शुभारम्भः जिला प्रमुख अपर्णा रोलन, सीकर विधायक रतन लाल जलधारी, जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने पूजा कुमावत,राजू, आस्मीन, सानिया, आस्ना बानों, भानू, सोनू, इरफान, आवेश, कोमल, सुशील छात्रा-छात्राओं का माल्यार्पण कर अपने हाथों से दूध पिलाकर अन्नपूर्णा दूध योजना का शुभारम्भ किया।

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