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लेख

मुर्गियों का टीकाकरण कलेण्डर

मुर्गीपालन 2 प्रकार से किया जाता हैं| जो मुर्गियाँ अंडो के उत्पादन के लिए पाली जाती हैं उनको “लेयर्स” तथा जो मुर्गियाँ मांस के उत्पादन के लिए पाली जाती हैं उनको “ब्रोयलर्स” कहते हैं| विश्व मे सर्वाधिक अंडे देने वाली मुर्गी की नस्ल…

पशुपालन – गाय-भैंस का टीकाकरण कलेण्डर

पशुपालकों को अपने सभी पशुओं का समय पर टिकाकरण और कृमिनाशन करवाना चाहिए| गाय-भैंस का हर 3 माह मे कृमिनाशन करवाना आवश्यक होता हैं| पशु रोगों से बचाव के लिए, स्वस्थ पशुओं का निम्नानुसार टिकाकरण करवाना चाहिए- टीकाकरण-कलेण्डर…

राज्य पशु ऊँट : रोग और उनसे बचाव के तरीके

डॉ. हनुमान भादू    “रेगिस्तान का जहाज” कहलाने वाला ये पशु कैसी भी विकट परिस्थितियों में जिंदा रह सकता हैं| 30 जून 2014 को राजस्थान सरकार ने ऊंटों के संरक्षण के लिए ऊँट को राज्य-पशु का दर्जा दिया है, साथ ही ऊंटों में प्रजनन को बढ़ावा देने के…

डॉ. शंकर चौधरी [लेख ] — कुत्ते का टिकाकरण कलेण्डर

कुत्ता सबसे पुराना पालतू जानवर है, परन्तु कुछ जूनोटिक बीमारियों का खतरा भी इससे जुडा हैं| घर का पालतू, छोटे बच्चों के साथ भी खेलता रहता है| ऐसे में बच्चे और बड़े सभी कुत्ते की लार इत्यादि स्त्रवणो के संपर्क में आते रहते है| अतः…

भेड़ पालन – वैज्ञानिक प्रबंधन

पशुगणना 2012 के अनुसार राजस्थान में लगभग 90 लाख भेड़े हैं| राजस्थान में पाई जाने वाली भेड़ों की मुख्य नस्लों में चोकला, मगरा, नाली, सोनाडी, मारवाड़ी, मालपुरा और जैसलमेरी प्रमुख हैं| भेड़ पालन के लिए सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं- चारागाह का…

पशुओं के लिए प्रोटीन स्त्रोत : यूरिया मोलासेस उपचारित चारा

राजस्थान की शुष्क जलवायु और अकाल की समस्या के कारण पशुओ के लिए वर्षभर हरा चारा उपलब्ध नहीं हो पाता है, एवं जो सुखा चारा उपलब्ध होता है उसकी पोष्ठिकता कम होती है और अधिक उत्पादन वाले पशुओ में पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो पाती है तथा पशु…

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